ज्योतिष और वास्तु अनुसार सुधारे आदतें
ज्योतिष शास्त्र व वास्तु के अनुसार अपनी कुछ आदतों को सुधार कर सुधारे अपना जीवन | *आपको जगह-जगह पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है कि आपको यश, सम्मान मुश्किल से मिल भी जाता है लेकिन वह कभी टिकेगा ही नहीं| अगर यह थूकने का काम निर्धारित स्थान पर करें तो आपके यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी। *जिन व्यक्तियों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती.बहुत कडी मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे व्यक्ति अच्छी प्रसिद्धि भी प्राप्त नहीं कर सकते हैं| आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनके सही स्थान पर रख आते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं ! इससे मानसिक शांति बढ़ कर अड़चनें दूर होती हैं। *हमारे घर पर कोई भी व्यक्ति बाहर से आये, चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएे ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं|जो व्यक्ति बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता| वास्तु- * घर में लगे पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है जिस घर में सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है इस कार्य से हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हैं और हमारे अन्दर परेशानियों का डटकर सामना कर की सामर्थ्य आ जाती है अत: परेशानियाँ दूर होकर सुकून आता है।जो व्यक्ति नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन व्यक्तियों को depression, anxiety जैसी परेशानियाँ नहीं पकड़ पातीं हैं | * जो व्यक्ति बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मौज़े इधर-उधर फैंक देते हैं, उन्हें शत्रु बड़ा परेशान करते हैं. इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते तरीके से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी। *उन व्यक्तियों का राहु और शनि खराब होगा, जो व्यक्ति जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा, सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं ? साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति अपने पहने हुए कपडे़ तक फैला कर रखते हैं ! ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वह खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं. इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेंट कर रखे जीवन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर होता चला जायेगा। *आपने पैरों की सफाई पर हम लोगों को ख़ास ध्यान देना चाहिए, जो कि हम भूल जाते हैं | नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोयें, कभी भी बाहर से आयें तो पांच मिनट रुक कर मुँह और पैर धोयें| आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढे़गी और क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगेगा, आनंद बढ़ेगा। * खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव उत्पन्न होने लगते हैं. इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आयें तो उससे घर में बरकत बनी रहती है, उस घर में सदैव लक्ष्मी का निवास रहता है,हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है| ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है| * जूठन बिल्कुल न छोड़ें । ठान लें । एकदम प्रतिज्ञा कर लें। पैसों की कभी कमी नहीं होगी। कहावत है कि खाओ मन भर, छोडो मत् कण भर| बरना नौ के नौ ग्रह खराब होने का खतरा सदैव मंडराता रहेगा। कभी कुछ कभी कुछ परेशानी आती रहेगी । जो जरूरी काम है वह पड़े रह जायेंगे । और समय व पैसा कहाँ जायेगा पता ही नहीं चलेगा। अतः इन सभी बातों पर ध्यान दें और जीवन को आनंदमयी बनायें|




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